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सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग
तृतीय मंजिल, झारखण्ड मंत्रालय, धुर्वा, रांची-834004

प्रेस विज्ञप्ति (दि0 29.08.19)

सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग द्वारा झारखण्ड राज्य की आवश्यकताओं पर आधारित सूचना प्रौद्योगिकी के विकास एवं सूचना प्रौद्योगिकी पर आधारित सेवाओं के विकास हेतु नीति का निर्धारण करते हुए राज्य में आई.टी. उद्योगों की स्थापना, पूँजी निवेश, निर्यात इत्यादि को प्रोत्साहित करना तथा आई.टी. उद्योग एवं आई.टी. इनेबल्ड सर्विस को बढ़ावा देने हेतु आवश्यक कार्य तथा सिंगल विंडो प्रणाली लागू करना, विभिन्न उद्यमी संगठनों के समन्वय, सब्सिडी, आई.टी. से संबंधित आधारभूत संचरनाओं तथा नेटवर्किंग/सामुदायिक सूचना केन्द्र, विडियो काॅफ्रेंसिंग, साॅफ्टवेयर टेक्नोलाॅजी पार्क, इन्फोटेक सिटी, आई.टी. पार्क, ई-गवर्नेंस से संबंधित एप्लिकेशन का विकास, विभिन्न सरकारी विभागों, निगमों का कम्प्यूटरीकरण एवं कम्प्यूटर प्रशिक्षण इत्यादि प्रमुख कार्य हैं।
पिछले पाँच वित्तीय वर्षों में विभाग द्वारा प्राप्त मुख्य उपलब्धियाँ निम्नवत् है:-
1.डिजीटल साक्षरता अभियान - डिजीटल साक्षरता अभियान कार्यक्रम के अन्तर्गत हर एक घर में कम-से-कम एक व्यक्ति को digital साक्षर करना है तथा यह कार्यक्रम सभी हाईस्कूल में शुरू हो गया है। PMG Disha के तहत 11 लाख बच्चों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है जिसमें 6 लाख बच्चों का सर्टिफिकेशन पूर्ण हो चुका है।
2.भारतनेट एवं ग्रामीण वाई-फाई - भारतनेट Phase 1 तथा Phase 1+ के कुल 2849 ग्राम पंचायतों एवं प्रखण्ड मुख्यालयों में से कुल 2407 ग्राम पंचायत तक OFC बिछाकर इंटरनेट की जाँच की जा चुकी है तथा 268 ग्राम पंचायत में Wi-fi internetकी सुविधा प्रदान की जा रही है।
3.IT/ITes Investment Promotion- झारखंड राज्य में IT/ITes Investment के लिए निम्न पाॅलिसियों का गठन किया गया है। मुम्बई में दिनांक 20.09.2016 को एक रोड शो कर इसे लाॅन्च किया गया है जो इस प्रकार है:-
IT/ITes Policy-2016,ESDM Policy-2016,BPO/BPM Policy-2016 & Stratup Policy-2016
25़ MoUs विभिन्न कम्पनियों के साथ की गयी है जैसे - Microsoft,Tech Mahindra,L&T,InfoTech,Oracle etc. एवं 20़ BPO की स्थापना की गयी है जैसे - Concentrix Route Mobile iSon,iEnergizer etc.इसके तहत् 10000+ प्रत्यक्ष रोजगार का सृजन किया गया है।
4.LWE WiFi Hotspots- भारत सरकार द्वारा स्वीकृत LWE Mobile Tower परियोजना के आलोक में प्रथम चरण में BSNL द्वारा अधिष्ठापित 782 मोबाइल टाॅवर्स पर WiFi Hotspots अधिष्ठापन का कार्य BSNL को आवंटित किया गया है। इस क्रम में 754 Sites पर WiFi Hotspots अधिष्ठापित कर दिये गये हैं एवं क्रियाश् ाील हैं। लोकसभा चुनाव 2019 को ध्यान में रखते हुए पूर्व में स्वीकृत 31 स्थानों के बदले नये 31 स्थानों, जो Shadow area में अवस्थित हैं, पर Wifi Hotspots अधिष्ठापित किया गया है। इस परियोजना के अंतर्गत अधिष्ठापित सभी WiFi Hotspots की उपयोगिता एवं गुणवत्ता के अनुश्रवण हेतु विभागीय एजेंसी ‘झारखंड कम्यूनिकेशन नेटवर्क लि0’ (JCNL) को नियुक्त किया गया है।
5.कार्य एवं लेखा प्रबंधन सूचना प्रणाली (WAMIS) -सात विभागों में क्रियान्वित है (i) भवन निर्माण विभाग, (ii) पथ निर्माण विभाग, (iii) ऊर्जा विभाग, (iv) जल संसाधन विभाग,(v) पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, (vi) ग्रामीण विकास विभाग एवं (vii) वन एवं पर्यावरण विभाग। अब तक WAMIS के माध्यम से रु. 19453 करोड़ का लेन-देन किया जा चुका है।
6.मुख्यमंत्री कार्यालय हेतु वेबसाईट एवं मोबाईल ऐप - मुख्यमंत्री कार्यालय हेतु वेबसाईट एवं मोबाईल ऐप तैयार किया गया है, जिसके रखरखाव एवं upgradation का कार्य प्रगति पर है तथा प्रतिदिन उक्त वेबसाईट के content updation का कार्य किया जाता है।
7.मोबाईल टावर और OFC हेतु आॅनलाईन आवेदन - इस परियोजना का उद्देश्य राज्य के विभिन्न हिस्सों में OFC बिछाने हेतु RoW की स्वीकृति तथा संचार मीनार अधिष्ठापित करने हेतु अनापत्ति प्रमाण-पत्र निर्गत करने हेतु एक आॅनलाईन वेब आधारित समाधान प्रदान करना है। इस प्रणाली के अंतर्गत आॅनलाईन प्रस्ताव, प्रसंस्करण और अंतिम स्वीकृति दिये जाने का प्रावधान है। इस प्रणाली में ही प्रस्ताव बनाना तथा आवेदन किये जाने का प्रावधान है तथा प्रस्ताव ट्रेकिंग, उपयोगकत्र्ता प्रोफाईल, सहायता, प्रतिक्रिया, आम प्रश्नों तथा सम्पर्क विवरणी का भी प्रावधान है। JSAC द्वारा उक्त साॅफ्टवेयर विकसित कर इसे आॅनलाईन कर दिया गया है। वर्तमान में विभिन्न टेलिकाॅम सेवा/संरचना प्रदाताओं से कुल 2074 आवेदन प्राप्त के विरुद्ध 1640 अनापत्ति प्रमाण-पत्र निर्गत किये गये हैं।
8.Jharkhand BPO/BPM Submit 2019 - इस समिट में पूरे देश से लगभग 600 प्रतिभागियों द्वारा भाग लिया गया। उक्त समिट में 16+ BPO Companies का उद्घाटन माननीय मुख्यमंत्री, झारखंड द्वारा किया गया जिनके माध्यम से अबतक 20000 से ज्यादा प्रत्यक्ष रोजगार सृजित किये गये हैं। साथ ही, 07 BPO Companies एवं 06 Start-ups के साथ MoU किया गया, इसके माध्यम से 5000 से भी अधिक रोजगार सृजित किये जायेंगे।

वर्तमान में विभागान्तर्गत चालू योजनाओं की अद्यतन स्थिति निम्नवत् है:-
1.यूनिफाईड डाटा रिपोजिटरी- इसके माध्यम से सभी उपलब्ध नागरिक/लाभार्थी और योजनाओं/ विभागों के विविध डेटा प्रारूप को एकीकृत करते हुए विशिष्ट पहचान का उपयोग करके एक एकीकृत डेटा भंडार तैयार किया जाना है। यह यूनिफाइड डेटा रिपाॅजिटरी एक विश्लेषणात्मक मंच के रूप में भी कार्य करेगा, जो सरकार द्वारा नागरिकों को प्रदान की जाने वाली सेवाओं की एक स्पष्ट तस्वीर प्रदान करने में सक्षम होगा। परियोजना की स्वीकृति प्राप्त की जा चुकी है तथा शीघ्र ही कार्य शुरू किया जायेगा।
2.IT/ITeS Investment Promotion- झारखंड राज्य में IT/ITes Investment के लिए निम्न पाॅलिसियों का गठन किया गया है। मुम्बई में दिनांक 20.09.2016 को एक रोड शो कर इसे लाॅन्च किया गया है जो इस प्रकार है:-
IT/ITeS Policy-2016, ESDM Policy-2016, BPO/BPM Policy-2016 & Startup Policy-2016 25 MoU विभिन्न कम्पनियों के साथ की गयी है जैसे - Microsoft,Tech Mahindra,L&T,InfoTech,Oracle etc. एवं 20़ BPO की स्थापना की गयी है जैसे - Concentrix,Route Mobile,iSon,i-Energizer etc. इसके तहत् 10000+ प्रत्यक्ष रोजगार का सृजन किया गया है। पाॅलिसी का क्रियान्वयन प्रगति पर है। झारखंड वेंचर केपिटल फंड की स्थापना उद्योग विभाग द्वारा की जा रही है।
3.साॅफ्टवेयर टेक्नोलाॅजी पार्क-
सिन्दरी - उक्त केन्द्र का निर्माण कार्य 96 प्रतिशत से अधिक पूर्ण हो चुका है तथा 31.12.2019 तक इसे STPI भारत सरकार को हस्तांतरित कर दिया जायेगा।
आदित्यपुर - उक्त केन्द्र का निर्माण कार्य 68 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है।
देवघर - उक्त केन्द्र का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, इसे STPI भारत सरकार को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया चल रही है।
बोकारो - उक्त केन्द्र के निर्माण कार्य परियोजना की तकनीकी स्वीकृति प्रदान करते हुए भवन निर्माण विभाग द्वारा प्रशासनिक स्वीकृति हेतु समर्पित किया गया है। समीक्षोपरांत शीघ्र ही निर्माण कार्य आरम्भ किया जायेगा।
4.साईबर सुरक्षा - रांची में एक एडवांस साईबर फोरंेंसिक लैब C.DAC के माध्यम से स्थापित किया गया है। साथ ही, राज्य के अन्य 06 जिलों में स्टैंडर्ड साईबर फोरंेंसिक लैब अधिष्ठापित किया जाना है तथा 24 जिलों में एक-एक साइबर थाना स्थापित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 2394 सरकारी अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
5.आई0टी0 पार्क - आई0टी0 पार्क की स्थापना हेतु HEC Area,धुर्वा, रांची में 100.96 एकड़ जमीन रखकर शेष भूमि को राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग को वापस कर दी गई है। आई0टी0 पार्क मास्टर प्लान का कार्य पूरा कर लिया गया है। इस निमित्त EY द्वारा RFP तैयार कर ली गई है। जिसका vetting विभाग द्वारा किया जा रहा है। शीघ्र ही आई0टी0 पार्क के निर्माण हेतु RFP प्रकाशित की जायेगी। इसे PPP Mode में विकसित करने हेतु Developer का चयन किया जाना है।


विभाग के अन्तर्गत विभिन्न स्वायत्त संस्थाओं एवं एजेंसियों के माध्यम से क्रियान्वित परियोजनायें
Jharkhand Agency for Promotion of Information Technology (JAP-IT)
पिछले पाँच वित्तीय वर्षों में जैप-आई0टी0 द्वारा प्राप्त मुख्य उपलब्धियाँ निम्नवत् है:-
1.Video-Conferencing System का अधिष्ठापन (e-Trail):e-Trail परियोजना अंर्तगत Video-Conferencing के माध्यम से राज्य की काराओं में विचाराधीन बंदियों का उपस्थापन राज्य के व्यवहार न्यायालयों में करने की व्यवस्था की गई। अब तक सभी जिलोें के 295 VC System में से 234 का अधिष्ठापन किया जा चुका है। जिसके माध्यम से जेल से ही बंदियो की पेशी व्यवहार न्यायालय में की जा रही है।
Video-Conferencing व्यवस्था लागू हो जाने से बंदियों के भौतिक उपस्थापन में संभावित सुरक्षा चुक लगभग समाप्त हो जायेगी। इसके अतिरिक्त भौतिक उपस्थापन में लगने वाले समय एवं राषि में भी बचत सम्भव है।
2.ICT Labs का अधिष्ठापन: ICT Labs का अधिष्ठापन Department of ST,SC,Minority & BC Walfare, Goj के Initiative के आलोक में जैप-आई॰टी॰ के माध्यम से कुल 58 विद्यालयों में किया जा रहा है। वत्र्तमान में कुल 50 विद्यालयों में अधिष्ठिापित ICT Labs पूर्ण रूप से कार्यरत है। शेष जल्द की अधिष्ठापित कर दी जाएगी। प्ब्ज् स्ंइे द्वारा संबंधित विद्यालयों के विद्यार्थियों को ई-कंटेंट Computerised Corriculum के माध्यम से पढ़ायी की व्यवस्था की गयी है।
3.e-Library & Smart Class for MGM Medical Collage, Jamshedpur :MGM Medical Collage, Jamshedpur में e-Library & Smart Class की स्थापना की गयी है। जिससे अब वहां कक्षाओं में छात्रों की पढ़ाई, पहले से ज्यादा सुविधाजनक एवं हाईटेक हो गयी है। व्लाॅकबोर्ड की जगह प्रोजेक्टर एवं चाॅक की जगह हाईटेक डिवाईस के बदलने से छात्रों को हर चीज विडियों, पिक्चर्स, ग्राफिक के माध्यम से समझाई जाती है।
ई-पुस्तकालय की स्थापना से छात्र कभी भी किसी भी समय कम्प्यूटर/मोबाईल के द्वारा पुस्तकों को एक्सेस किया जा सकता है।
4.नेतरहाट आवासीय विद्यालय: नेतरहाट आवासीय विद्यालय में सूचना प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए ICT Infrastructure की स्थापना की गयी है। इसके अंतर्गत निम्नवत् कार्य किये गये हैः-
1.विद्यालय परिसर में Wired एवं Wireless LAN की व्यवस्था ।
2.दो विभिन्न ISP से 10-10 Mbps Internet Connectivity की व्यवस्था ।
3.विद्यार्थियों के लिए 500 टैबलेट एवं षिक्षकों के लिए 60 लैबटाॅप उपलब्ध कराया गया है।
4.कम्प्यूटर लैब के लिए 60 डेस्क्टाॅप कम्प्यूटर भी उपलब्ध कराया गया है।
5.स्कूल परिसर में सी॰सी॰टी॰ का अधिष्ठापन।

5.CCTV का अधिष्ठापन (Jail & Court): राज्य की काराओं एवं जिला न्यायालयों में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए CCTV का अधिष्ठापन किया गया है। अभी तक कुल 9 काराओं में 899 CCTV Camera एवं 2 जिला न्यायालयों में कुल 306 CCTV Camera का अधिष्ठापन किया गया है, विवरणी निम्नवत हैः-
Sl.No. Location No.of Installed Camera
1 Ranchi Jail 135
2 Jamshedpur Jail 146
3 Palamu Jail 125
4 Koderma Jail 48
5 Hazaribagh Jail 242
6 Dumka Jail 94
7 Khunti Jail 80
8 Ramgarh Jail 29
9 Distt.Court Ranchi 121
10 Distt.Court Dhanbad 185
Total 1205

6.झारखण्ड स्टेट पोर्टल: जैप-आई॰टी॰ डाटा सेंटर (JDC) की स्थापना वर्ष 2015 में की गई है। वत्र्तमान में यह Cloud Invironment पर कार्यरत है। विभिन्न Govt.Stakeholders की लगभग 100 से अधिक सेवायें JDC के माध्यम से प्रदान की जा रही है। झारखण्ड स्टेट पोर्टल के माध्यम से राज्य के सभी विभागों की गतिविधियां एवं विभागों से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनाएं प्राप्त की जा सकती है, अपने feedback के माध्यम से स्टेट पोर्टल को और भी बेहतर बनाने हेतु सुझाव प्रेषित कर सकते हैं।
7.ई0-आॅफिस :
1.झारखण्ड राज्य में विभिन्न विभागों/कार्यालयों को पेपर लेस बनाने के उद्देश्य से ई-आॅफिस परियोजना को वर्ष 2017 में लागु किया गया है।
2.परियोतनान्तर्गत राज्य के सभी विभाग एवं उपायुक्त कार्यालयों में ई-आॅफिस व्यवस्था प्रारंभ की जानी है।
3.निम्नलिखित विभागों में ई0-आॅफिस का क्रियान्वित है -
a.सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई0-गवर्नेंस विभाग।
b.ग्रामीण विकास विभाग (ग्रामीण विकास/ग्रामीण कार्य/पंचायती राज विभाग)।
c.उद्योग विभाग।
d.ऊर्जा विभाग।
e.परिवहन विभाग।
4.पेयजल एवं स्वच्छता विभाग और कल्याण विभाग में भी प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है एवं उनके द्वारा आंशिक रूप से ई-आॅफिस का उपयोग किया जा रहा है।
8.JIMMS (Jharkhand Integrated Mines and Minrals Management System): एक वेब आधारित प्रणाली को लागू किये जाने से सम्पूर्ण प्रक्रियाओं से लेकर खनिजों के परिवहन, खनन, राजस्व संग्रहण एवं समस्त खनन प्रक्रियाओं पर निगरानी रखना सरल हो गया है। इस प्रणाली से खनन प्रक्रियाओं तथा खनन पट्टा/पर्यवेक्षण हेतु आवेदन पत्रों को Online Transaction किया जा सकता है। इस प्रणाली के माध्यम से वर्ष 2016 से अभी तक 12949 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है तथा 125752 परमिट एवं 17326603 चालान आॅनलाईन निर्गत किया गया हैं।
9.श्रमाधान पोर्टल (http://shramadhan.jharkhand.gov.in): श्रम प्रबंधन प्रणाली के तहत् संचालित विभिन्न Acts का आॅनलाईन प्रबंधन। इसके तहत पंजीकरण, नवीकरण, संशोधन, भुगतान, प्रमाण पत्र, कारखाना आदि के निरीक्षण की व्यवस्था हैै। यह पोर्टल जैप-आई0टी0 द्वारा प्द ीवनेम तैयार किया गया है।
10.माॅर्डन रिकार्ड रूम : माॅर्डन रिकार्ड रूम परियोजना के अतंर्गत जिला एवं अनुमंडल स्तर पर उपलब्ध राजस्व अभिलेखागारों में उपलब्ध दस्तावेजों को स्केनिंग एवं डिजिटाईज किया गया है। डिजिटाईज दस्तावेजों को संग्रहित कर कम्प्यूटर एवं पिं्रटर के माध्यम से इसकी प्रति नागरिकों को दिये जाने का व्यवस्था की गई है। वत्र्तमान में 38 स्थानों (24 जिला एवं 14 मुफसिल अनुमंडलों) में माॅर्डन रिकार्ड रूम की स्थापना की जा रही है। अब तक की स्थापना का कार्य पुरा कर लिया गया है।
11.झारखण्ड स्टेट डाटा सेंटर: झारखण्ड राज्य में स्टेट डाटा सेंटर की स्थापन 01 अगस्त 2016 की गयी है। यह सूचना प्रौद्योगिकी की एक महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना है। इस डेटा सेंटर में राज्य की कई महत्वपूर्ण एप्लिकेषन साॅफ्ट्वेयर की Hosting की गयी है। वत्र्तमान में 46 एप्लिकेषन साॅफ्ट्वेयर (Trasury,Mines,Food,Transport,JAC etc.) इस डेटा सेंटर के माध्यम से संचालित हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि यह डेटा सेंटर ISO 27001 - 20000 प्रमाणित एवं Cloud आधारित है।
12.WebCast (jhargov.tv):WebCast के माध्यम से राज्य सरकार की महत्त्वपूर्ण कार्यक्रमों के जीवन्त प्रसारण की व्यवस्था है, जिससे सरकार की महत्त्वपूर्ण योजनाएँ इत्यादि की सूचना सुगमतापूर्वक जनता एवं अन्य हितकारकों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस हेतु झारखण्ड मंत्रालय में स्थायी सेटअप स्थापित किया गया है इसकी मुख्य विशेषताएँ हैंः-
1.महत्त्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रम का जीवन्त प्रसारण;
2.सार्वजनिक घोषणाएँ;
3.सरकारी योजनाओं के उद्घाटन का प्रसारण; रिकाॅर्डेड विडियो को पुनः देखने की सुविधा।

वर्तमान में जैप-आई0टी0 के अन्तर्गत चालू योजनाओं की अद्यतन स्थिति निम्नवत् है:-
1.MyGov(मेरी सरकार): केन्द्र सरकार की महत्वकांक्षी परियोजना ’’मेरी सरकार’’ के आधार पर ही झारखण्ड MyGov (झारखण्ड मेरी सरकार) परियोजना का संचालन जैप-आई॰टी॰ के माध्यम से किया जा रहा है। यह एक प्रकार का Social Engineering Platform है जिसके माध्यम से सरकार अपनी योजनाओं एवं उपलब्धियों पर अपने नागरिकों का मंतव्य प्राप्त करने का माध्यम है ताकि राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन और बेहतर तरीके से किया जा सके। वत्र्तमान में कुल 08 विभाग झारखण्ड MyGov के माध्यम से राज्य के नागरिकों के साथ समन्वय स्थापित कर रहें हैं।
2.State Wide Area Network(SWAN) झारनेट : झारखण्ड State Wide Area Network(SWAN) जिसे झारनेट के नाम से जाना जाता है, e-Governance का एक आधार स्तंभ परियोजना है, जिसका क्रियान्वयन एवं संचालन, राज्य सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई॰ गवर्नेंस विभाग के अंतर्गत, जैप-आई॰टी॰ (State Designated Agency) से कराया जा रहा है। झारनेट का वत्र्तमान सेटअप पिछले 10 वर्षों से कार्यरत है। झारनेट के Backbone पर विभिन्न विभागों का कम्प्यूटरीकरण किया गया है, जिसमें Treasury,Registration of Land, Commercial Tax सभी काराओं एवं कोर्ट के बीच Video-Conferencing के माध्यम कैदियों का उपस्थापन इत्यादी प्रमुख है। झारनेट परियोजना में राज्य मुख्यालय से सभी जिला मुख्यालयों के बीच Video-Conferencing,IP Phone तथा Data की भी सुविधा दी जाती है जबकि अनुमंडल एवं प्रखण्ड/अंचल तक IP Phone एवं Data की सुविधा उपलब्ध है। वत्र्तमान में झारनेट एक आधुनिक वर्जन 2.0 का अधिष्ठापन कराया जा रहा है। यह MPLS तकनीकी पर आधारित है जो कि पूर्व के लीज लाईन तकनीक से बेहतर है। झारनेट 2.0 में प्रखण्ड स्तर का Desktop VC के माध्यम से Video-Conferencing सुविधा उपलब्ध होगी। यह वत्र्तमान के झारनेट के अपेक्षा अधिक आधुनिक एवं Robust होगी।
इस परियोजना के कार्यान्वयन हेतु वर्ष 2018 में निविदा के माध्यम से मेसर्स एल॰एण्ड टी॰ कंपनी का चयन किया गया है। परियोजना की कुल लागत पाँच वर्षों में लगभग 286 करोड़ रुपये हैं।
3.महाधिवक्ता कार्यालय का कम्प्यूटरीकरण: 15 नवम्बर 2015 से महाधिवक्ता का कार्यालय कम्प्यूटरीकृत कर दिया गया है। वर्Ÿामान में 26 विभाग, सभी उपायुक्तों के कार्यालय एवं पुलिस अधीक्षकों के कार्यालय, पुलिस महानिदेशक, सभी DEO सभी DSE सभी Civil Surgeon विधि पोर्टल का प्रयोग कर रहे हैं। विधि पोर्टल के अंतर्गत निम्न माॅडयूल्स विकसित कर कार्यरत हैः-
a.शपथ पत्र/प्रतिशपथ पत्र प्रणाली
b.वाद प्रतिवाद प्रणाली
c.अधिवक्ता प्रबंधन प्रणाली।
d.निर्गत शाखा

4.ई-प्रोक्यूरमेंट: ई-प्रोक्यूरमेंट झारखण्ड राज्य के 31 विभागों द्वारा उपयोग किया जा रहा है तथा अबतक 14633 निविदा प्रकाशित की जा चुकी है।
5.Design, Development, Implimentation,Maintenance and Support of Artificial Intelligency Based Comprehensive Decision Support Smart Court for High Court-High Court: इस परियोजना के माध्यम से उच्च न्यायलय में न्यायधीश महोदय को AI का उपयोग करते हुए विभिन्न वादोें से संबंधित जानकारी उपलब्ध करायी जाने का प्रावधान है। उक्त एपलिकेशन में Advance Technology tSLs Machine Learning,Voice Commands,Automated Data Mining का उपयोग किया गया है।
6.ई-डिस्ट्रिक्ट: झारसेवा पोर्टल के तहत् ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना इस राज्य में लागू की गयी है जिसके अंतर्गत 145 सेवायें कार्यरत हैं। 2016-17 में 29.3423.98, 2017-18 में 41.84 लाख तथा 2018-19 में अबतक 39,36,978 Transaction कर झारखंड देश में प्रथम स्थान पर है। पिछले 4 सालों में 141 नये सर्विस ई-डिस्ट्रिक्ट में जोड़े गये हैं।
7.जैप-आई0टी डाटा संेटर: जैप-आई॰टी॰ डाटा सेंटर (JDC)की स्थापना वर्ष 2015 में की गई है। वत्र्तमान में यह Cloud environment पर कार्यरत है। विभिन्न Govt.Stakeholders की लगभग 100 से अधिक सेवायें JDC के माध्यम से प्रदान की जा रही है।
8.CM Dashboard: राज्य द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं एवं गतिविधियों को एक प्लेटफार्म के रूप में Compile करते हुए राज्य में माननीय मुख्यमंत्री के स्तर पर विभिन्न परियोजनाओं का क्रियान्वयन एवं संचालन करने हेतु CM Dashboard परियोजना की परिकल्पना की गई। CM Dashboard परियोजना के निम्न उद्देश्य हैंः-
(क)मुख्यमंत्री सचिवालय को परामर्शी सेवा उपलब्ध कराना।
(ख)राज्य हेतु State Vision Document एवं Action Plan 2021 तैयार करना, साथ ही साथ राज्य के दिशा निर्देश के आधार पर उक्त Vision Plan को Implement करने में आवश्यक Support प्रदान करना।
(ग)सभी विभागों के लिए एक Holistic View तैयार करना ताकि ससमय संबंधित विभागों का Balance Scorecard तैयार करते हुए Bottleneck को चिन्हित कर उसका निवारण करना।
(घ)पारदर्शी मुल्यांकन प्रणाली स्थापित करना ताकि मानव संसाधनों को प्रोत्साहित किया जा सके।
(ङ)राज्य के विभिन्न परियोजनाओं के Physical Progress को Monitor करते हुए आवश्यक Improvement करना।
(च)उपरोक्त के आधार पर समेकित Decision Support System तैयार करना ताकि राज्य के सर्वांगिण विकास हेतु आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराया जा सके।
इस परियोजना के कुल तीन Component हैंः-
(1)मुख्यमंत्री परामर्शी सेवा
(2)State Vision Document एवं Action Plan 2021 तैयार करना तथा उसके क्रियान्वयन में आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराना।
(3)CM Dashboard portal के रूप में एक पारदर्शी मूल्यांकन प्रणाली तैयार करना जिसका उपयोग Decision Support System के रूप में किया जा सके।
इस परियोजना का शुरूआत माह अक्टूबर, 2016 में हुआ। वर्तमान में State Vision Document एवं Action Plan 2021 तैयार किया जा चुका है एवं राज्य सरकार द्वारा इसका प्रकाशन किया जा चुका है। जिसके आधार पर Implementation Support उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त CM Dashboard Portal के माध्यम से कुल 12 विभागों का Dashboard संचालित है तथा अन्य 8 विभागों के Integration का कार्य किया जा रहा है।

Jharkhand Space Application Centre(JSAC)
पिछले पाँच वित्तीय वर्षों में जेसैक द्वारा प्राप्त मुख्य उपलब्धियाँ निम्नवत् है:-
1.कैडेस्ट्रल नक्षों का आॅकड़ीकरण तथा जियोरेफरेसिंग: एन.एल.आर.एम.पी परियोजना अंतर्गत इस परियोजना का उद्देश्य झारखण्ड राज्य के राजस्व गाॅवों के नक्शों के आॅकड़ीकरण तथा जियोरेफरेसिंग का कार्य किया जाना था। अबतक कुल 33026 राजस्व गाॅवों के 52216 कैडेस्ट्रल नक्शों का आॅकड़ीकरण तथा जियोरेफरेसिंग का कार्य किया जा चुका है, तथा इसे भु-नक्शा में अपलोड किया जा चुका है।
2.स्पेष बेस्ड इनर्फामेषन सिस्टम फाॅर डिसेन्ट्रलाईज्ड प्लानिंग: इस परियोजना का उद्देश्य संसाधनों, सेटलमेन्ट, लैण्ड कभर इत्यादि की मैपिंग 1ः10,000 स्केल पर करना है। इस डाटा का उपयोग जिला स्तरीय योजना बनाने हेतु करना है।
3.खान एवं भुतत्व विभाग के लिए 1ः50,000 स्केल पर नक्षों का डिजिटाईजेषन करना: इस परियोजना अंतर्गत जी.एस.आई से पूरे राज्य का 1ः50,000 स्केल पर टोपोशीट वाईज नक्शा प्राप्त कर डिजिटाईज किया गया है एवं वेब बेस्ड जी.आई.एस एप्लिकेशन के माघ्यम से भूतत्व निदेशालय को उपलब्ध करा दिया गया है।
4.दामोदर धाटी में प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन प्रणाली तथा भू-स्थानिक निर्णय सपोर्ट सिस्टम से संबंधित परियोजना: इस परियोजना अंतर्गत डी.भी.सी के आवश्यकतानुसार उनके संसाधनों का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने हेतू मानचित्रिकरण किया जा चुका है।
5.राॅची नगर निगम के लिए राॅची शहर का सूक्ष्म स्तरीय सर्वे करना: इस परियोजना अंतर्गत राॅची नगरपालिका क्षेत्र अंतर्गत कुल 17 वार्ड के 83,969 धरों का विस्तृत सर्वे कर संबंधित डाटा को राॅची नगर निगम को समर्पित किया जा चुका है। इन धरों के भू-डाटाबेस को वेब आधारित जी.आई.एस एप्लिकेशन पर अपलोड भी किया जा चुका है।
6.झारखण्ड ग्रामीण विकास विभाग के लिए जलछाजन प्रबंधन सूचना तंत्र विकसित करना: इस परियोजना अंतर्गत बैच-1 में 19 क्लस्टर, बैच-2 में 20 क्लस्टर बैच-3 में 39 क्लस्टर तथा बैच-4 में 20 क्लस्टर का काम कर एस.एल.एन.ए. ग्रामीण विकास विभाग को समर्पित किया जा चुका है।
7.राॅची नगर निगम के रिविजनल सर्वे तथा म्यूनिसिपल सर्वे नक्षो का डिजिटाईजेषन करना: इस परियोजना अंतर्गत डिजिटाईज्ड किये गये नक्शे ंराॅची नगर निगम के विभिन्न योजनाओं के लिए उपयोगी होंगें।
8.झारखण्ड ग्रामीण स्वास्थ्य मिषन विभाग के अंतर्गत मोबाईल मेडिकल युनिट में वाहन ट्रेकिंग सिस्टम लगाना: इस परियोजना का उद्देश्य जी.पी.एस-जी.पी.आर.एस आधारित एम्बुलेन्स ट्रेकिंग सिंस्टम में लगाना, संचालित तथा मेन्टेन करना था, जिससे कि ग्रामीण स्वास्थ्य सोसाईटी/पीएचसी/सीएचसी के साथ मोबाईल मेडिकल यूनिट के आवागमन से संबंधित बेहतर समन्वय किया जा सके। इस परियोजना का कार्य पूरा किया जा चुका है।
9.झारखण्ड के सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों की जीआईएस मैपिंग करना: इस परियोजना का उद्देश्य झारखण्ड के सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों की जीआईएस मैपिंग करना था, जिसे पूरा किया जा चुका है।
10.रेशम विकास के लिए सुदूर संवेदन एवं भौगोलिक सूचना तंत्र का उपयोग: झारखण्ड राज्य के दो जिलों बोकारों एवं गिरिडीह में शहतुत पौधारोपण के लिए संभावित स्थलों का चयन सुदूर संवेदन एवं भौगोलिक सूचना तंत्र का उपयोग कर किया गया है। राष्ट्रीय स्तर पर परियोजना का संचालन उत्तर पूर्वी अंतरिक्ष उपयोग केंद्र, शिलौंग द्वारा एवं बजट केन्द्रीय रेशम बोर्ड द्वारा उपलब्ध कराई गई थी।
11.भूमि उपयोग एवं भूमि आच्छादन का उपग्रह चित्रों का प्रयोग करते हुए मानचित्रिकरण: भूमि उपयोग एवं भूमि आच्छादन के नक्शे 1ः50,000 के पैमाने पर जैसेक द्वारा 2015-16 के उपग्रह चित्रों का प्रयोग करते हुए बनाये गये हैं। इन नक्शों को आम जनों के प्रयोग के लिए झारखण्ड के जियोपोर्टल gis.jharkhand.gov.inपर उपलब्ध कराया गया है।
12.वन विभाग के लिए ई-ट्रांजिट मोबाईल एैप विकसित करना: इस एैप को विकसित करने का उद्देश्य वन विभाग के लिए पेड़ों की कटाई तथा उनके पारगमन की निगरानी करना है, जिसे सिंगल विंडों सिस्टम के साथ समन्वित किया गया है, जिसमें उपयोगकर्ता पेड़ों की निगरानी से संबंधित डाटा को एकत्रित करते हुए तथा उनका जियोटैग फोटो लेते हुए मोबाईल के द्वारा अपलोड कर सकता है।।
13.खतियान तथा रजिस्टर-II का आंकड़ीकरण: इस परियोजना अंतर्गत राज्य के 13 जिलों के खतियान तथा रजिस्टर-II का आंकड़ीकरण किया जा चुका है तथा jharbhoomi.nic.in पर अपलोड किया गया है।
14.राज्य के औद्योगिक प्राधिकारों के नक्षों का डिजिटाईजेषन तथा वेब जीआईएस विकसित करना: इस परियोजना अंतर्गत राज्य के औद्योगिक प्राधिकारों के सभी नक्शों को जीआईएस रूप मे परिवर्तित कर उन्हें ईज आॅफ डुईंग बिजनेस के एप्लिकेशन के लिए उपयोगी बनाया गया है, साथ ही इसका एक वेब जी.आई.एस एप्लिकेशन भी बनाया गया है।
15.झारखण्ड स्टेट स्पेषियल डाटा इन्फ्रास्ट्रक्चर (जे.एस.एस.डी.आई): डी.एस.टी, भारत सरकार की इस परियोजना का उद्देश्य राज्य सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा तैयार किये गये आॅकड़ों को केन्द्रीकृत प्रणाली पर दर्शाना है, जिसका उपयोग कर उपयोगकर्ता राज्य से संबंधित सूचनाएं यथा भौगोलिक, जनसांख्यिकी, कृषि तथा सामाजिक एवं आर्थिक डाटा इत्यादि को जियो पोर्टल पर देख सके।
16.निर्वाचन आयोग, झारखण्ड के लिए वेब आधारित एप्लिकेषन बनाना: इस परियोजना का उद्देश्य झारखण्ड के 81 विधानसभा क्षेत्रों के मतदान केन्द्रों की मैपिंग संबंधित विभाग से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर करना है साथ ही इन केन्द्रों में न्युनतम बुनियादी सुविधाओं को एक मोबाईल एप के माध्यम से दर्शाना है।

वर्तमान में जेसैक के अन्तर्गत चालू योजनाओं की अद्यतन स्थिति निम्नवत् है:-
1.भवन विभाग के लिए भवन प्रबंधन सूचना तंत्र विकसित करना: इस परियोजना का उद्देश्य झारखण्ड में अवस्थित सरकारी भवनों की ज्यादा से ज्यादा उपयोगिता को जेसैक द्वारा विकसित वेबसाईअट के माघ्यम से दर्शाना है, जिसका उद्घाटन मुख्य सचिव, झारखण्ड द्वारा जून, 2019 में किया गया है।
2.राजस्व एवं भुमि सुधार विभाग, झारखण्ड के इन्डेक्ष रजिस्टर तथा भौल्युम का डिजिटाईजेषन तथा स्कैनिंग करना: इस परियोजना अंतर्गत अब तक झारखण्ड के 11 राजस्व ग्रामों के इन्डेक्श रजिस्टर की डाटा इन्ट्री 23 राजस्व कार्यालयों के भौल्युम के स्कैनिंग का कार्य किया जा चुका है, तथा बचे हुए कार्य का काम प्रगति पर है।
3.विभिन्न मोबाईल नेटवर्क प्रदाता कम्पनी द्वारा ओएफसी बिछाने तथा उन्हें राईट आॅफ वे (आर.ओ.डब्लयु) प्रदान करने के लिए लैण्ड यूज मैपिंग करना: इस परियोजना अंतर्गत झारखण्ड राज्य के 2000 कि.मी. क्षेत्र का ओएफसी लेआउट मैप विभिन्न मोबाईल नेटवर्क प्रदाता कम्पनी जैसे रिलायेन्स, जियो, एअरटेल तथा आईडिया के लिये तैयार किया जा चुका है।
4.NUHM के अन्तर्गत शहरी स्वास्थ्य केन्द्रों का मैपिंग एवं vulnerability analysis करना: इस परियोजना अंतर्गत झारखण्ड के 22 शहरो के स्वास्थ्य सुविधाओं का सर्वे, लैण्ड यूज मैपिंग, स्लम एरिया का मैपिंग करना है। तत्पश्चात vulnerability analysis करना है।
5.NRSC के लिए समन्वित जलछाजन प्रबंधन परियोजना की निगरानी तथा मूल्यांकन करना: इस परियोजना अंतर्गत 2009-10 बैच में 20 जलछाजन परियोजना, 2010-11 बैच में 22, 2011-12 बैच में 45 तथा 2012-13 बैच में 30 जलछाजन परियोजना की निगरानी तथा मूल्यांकन का कार्य किया जाना है।
6.आपदा प्रबंधन विभाग, झारखण्ड के लिए जी.आई.एस वेब आधारित एप्लिकेषन बनाना: इस परियोजना का उद्देश्य आपदा प्रबंधन विभाग, झारखण्ड के लिए ठनका गिरने या वज्रपात से 45 मिनट पूर्व सूचना आम नागरिकों को एस.एम.एस के माघ्यम से देना है, जिससे कि वो आने वाली आपदा से पूर्व अपना तथा अपनी संपत्ति का बचाव कर सके। कार्य प्रगति पर है।
7.(इप्रीस) पंचायती राज संस्थाओं का सषस्कतीकरण: इस परियोजना अंतर्गत राॅची जिले का एैसेट मैपिंग कर भंवन पंचायत एप पर दर्शाया जा चुका है, साथ ही इससे संबंधित प्रषिक्षण राॅची जिले के पंचायत सेवकों को दिया जा चुका है।
8.उपग्रह आधारित आॅकड़ो का प्रयोग करते हुए झारखण्ड राज्य में तालाबों एवं जलाषयों का मानचित्रिकरण: वर्ष 2005-06 में जैसेक द्वारा झारखण्ड में तालाबों एवं जलाशयों का मानचित्रिकरण 1-50,000 स्केल पर किया गया था। इसमें 2.25 हेक्टेयर से बड़ें तालाबों एवं जलाशयों की मैपिंग की गई है। वर्तमान में 2017-18 के उपग्रह आधारित आॅकड़ों का प्रयोग करते हुए अपडेशन का कार्य किया जा रहा है।
9.जल की सुरक्षा, स्थिरता, बजटिंग इत्यादि वर्ष 2050 तक के लिए बनाना: इस विषय पर जेसैक ने अब तक बेसिन बाउंड्री मैप, थिमेटिक मैप, लैण्ड यूज/लैण्ड कभर इत्यादि से संबंधित नक्शे बनाये हैं जो जल संरक्षण, स्थिरता तथा बजटिंग इत्यादि के लिए वर्ष 2050 तक के लिए उपयोगी होगी।
10.झारखण्ड प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड के लिए आॅनलाईन उत्सर्जन प्रवाह के लिए निगरानी तंत्र बनाना: इस परियोजना के माघ्यम से राज्य में अवस्थित उद्योगों से उत्सर्जित होने वाले वायु की गुणवत्ता के लिए एक प्रबंधन प्रणाली बनाना जिसमें सेन्सर के माघ्यम से रियल टाइम पर प्रदुषित वायु की निगरानी प्रत्येक 15 मिनट के अन्तराल पर की जा रही है।
11.मुख्यमंत्री लधु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड के लिए पोर्टल तथा मोबाईल एप विकसीत करना: इस परियोजना अंतर्गत विकसित वेबसाईट तथा मोबाईल एप के माघ्यम से राज्य में अवस्थित हाट बाजार तथा संबंधित जिला प्रबंधक तथा प्रखण्ड प्रबंधक की जानकारी तथा संबंधित कर्मचारी की उपस्थिति डैशबोर्ड के माघ्यम से देखी जा सकती है।
Jharkhand Communication Network Limited (jCNL)
वर्तमान में जे.सी.एन.एल. के अन्तर्गत चालू योजनाओं की अद्यतन स्थिति निम्नवत् है:-
1.भारतनेट एवं ग्रामीण वाई-फाई - Phase II में सम्मिलित शेष 11 जिलों में OFC बिछाने का कार्य चयनित एजेंसी द्वारा 01 मार्च 2019 से शुरू किया जा चुका है। इसमें से कुल 25 ब्लाॅक का कार्य प्रगति पर है। उक्त कार्य को मार्च 2020 तक पूरा किए जाने का लक्ष्य निर्धारित है, जिससे कुल 118 ब्लाॅक के 1684 ग्राम पंचायतों तक OFC बिछाने का कार्य पूरा किया जायेगा।

2.फ्री सिटी वाई-फाई -डिजीटल इंडिया के उद्देश्यों को पूरा करने तथा ई-गवर्नेंस एवं सीटिजन सर्विसेस को मजबूती प्रदान करने हेतु झारखण्ड राज्य के बड़े शहरों यथा - राँची, धनबाद, बोकारो, दुमका, हजारीबाग, देवघर, जमशेदपुर के कुल 54 स्थानों को चिन्हित किया गया है। इस निमित इम्पीलिमेंटींग एजेंसी का चुनाव कर एकरारनामा किया जा चुका है तथा शीघ्र ही कार्य शुरू किया जायेगा।


Atal Bihari Vajpayee Innovation Lab (ABVIL)
वर्तमान में ए.बी.भी.आई.एल. के अन्तर्गत चालू योजनाओं की अद्यतन स्थिति निम्नवत् है:
1.अटल बिहारी बाजपेयी इनोवेशन लैब - तीन संस्थानों ISM Dhanbad ,CUJ,Ranchi तथा BIT Sindri के साथ MoU किये जा चुके हैं। 68 Startups का चयन State Evaluation Board (SEB) द्वारा किया जा चुका है। इनमें से Phase-I में 15 चयनित Startups को prototype fund 23,28,336/- प्रदान किये जा चुके हैं।

2.ग्रामीण क्षेत्रों में स्टार्टअप के बढ़ावा देने हेतु एतिहासिक कदम - Startup India Jharkhand Yatra में राज्य के 08 जिलों से 1840 Participants द्वारा Participate किया गया जिसमें 122 Participants द्वारा प्रशंसनीय startup प्रस्तुत किया गया। कुल 13 startups को पुरस्कृत किया गया। अबतक 68 startup को SEB द्वारा चयन किया जा चुका है।

3.झारखण्ड स्टार्टअप हैकथाॅन 2019 . दिनांक 22 एवं 23 जून 2019 को द्वितीय हैकथाॅन कार्यक्रम का आयोजन राज्य सरकार द्वारा किया गया। जिसमें 410 प्रतिभागियों द्वारा आॅनलाइन आवेदन प्राप्त किया गया। जिसमें से अंतिम रूप से 50 प्रतिभागियों द्वारा लगातार 24 घंटे हैकथाॅन कार्यक्रम में भाग लिया गया, जिसमें से 06 प्रतिभागी विजयी हुए उन्हें माननीय मुख्यमंत्री, झारखंड द्वारा एक-एक लाख रुपये पारितोषिक दिये गये तथा Junior Innovators Challenges में best school एवं best student को भी एवार्ड दिया गया।

Expenditure in Last Five Financial Years

Financial Year Provision (Rs.Crore) Expenditure (Rs.Crore)
2014-15 120.00 59.38
2015-16 121.55 100.6
2016-17 184.89 148.68
2017-18 182.81 74.25
2018-19 190.00 143.60
2019-20 210 41.9 (Till Date)

धन्यवाद!

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